संदेश

पंकज चतुर्वेदी की कहानी ‘जाड़ा’

चित्र
पंकज चतुर्वेदी को हम लोग उस कवि के रूप में जानते हैं जो छोटी-छोटी कविताओं में बहुत चुटीले अंदाज में अपनी बातें कह डालने का हुनर रखते हैं। उनके यहाँ भाषा और शिल्प में भी एक अलगाव दिखाई पड़ता है। पंकज ने एक कहानी लिखी है, जो ‘वागर्थ’ के एक अंक में प्रकाशित भी हुई है। इस कहानी में भी पंकज का यह अंदाजे-बयां महसूस किया जा सकता है। ‘पहली बार’ के पाठकों के लिए हम इस कहानी को प्रस्तुत कर रहे हैं। तो आइए पढ़ते हैं पंकज चतुर्वेदी की पहली कहानी ‘जाड़ा’।  
जाड़ा (कवि मंगलेश डबराल के लिए)
पंकज चतुर्वेदी
इस बार ठंड इतनी थी, जितनी उत्तर भारत के मैदानी इलाक़ों में आम तौर पर नहीं पड़ती थी। मैं उसकी दहशत में साँस लेता था। हवाएँ बहुत सर्द और कँटीली थीं। मेरे पास जाड़े की बहुत सारी यादें थीं, लेकिन ऐसी कोई याद नहीं थी, जिसमें वह दुश्मन की तरह पेश आया हो। धूप अक्सर नहीं निकलती थी और शाम से ही कुहरा छाया रहता था। मैं जब भी बाहर जाता, मुझे लोग उसमें छायाओं की तरह डोलते दिखते और गाड़ियों की बजाए उनकी धुँधली हेडलाइटें नज़र आतीं। अख़बारों से पता चलता था कि रेलगाड़ियाँ घंटों देरी से चल रही हैं और कई तो चल ही नहीं रही हैं। बच्…

ज्योति चावला का आलेख - 'ऐ लड़की' : अपनी महीन बुनावट में स्त्री विमर्श का तरल दस्तावेज़

चित्र
कृष्णा सोबती हिंदी की जानी-पहचानी वह रचनाकार हैं, जिन्होंने अपने लेखन से हिंदी के कथा साहित्य और कथा-भाषा को एक अलग स्वरुप और धार प्रदान किया है। विषयों के चुनाव से ले कर उसके ट्रीटमेंट तक कृष्णा जी की रचनात्मकता स्पष्ट रूप से दिखाई पड़ती है। कृष्णा जी का उपन्यास 'ऐ लड़की' एक क्लासिकल उपन्यास है जिसके कथ्य और स्वरुप पर पर्याप्त चर्चाएं हुई हैं और आगे भी यह क्रम चलता रहेगा। हाल ही में कृष्णा जी को वर्ष २०१७ का ज्ञानपीठ पुरस्कार प्रदान किया गया है। सच कहें तो ज्ञानपीठ कृष्णा जी को पुरस्कार दे कर खुद गौरन्वान्वित हुआ है। चर्चित कवयित्री और कहानीकार ज्योति चावला ने कृष्णा जी के उपन्यास 'ऐ लड़की' पर एक सुविचारित आलेख लिखा है जिसे हम पहली बार पर प्रस्तुत कर रहे हैं। तो आइए  आज पहली बार पर पढ़ते हैं ज्योति चावला का आलेख - 'ऐ लड़की' : अपनी महीन बुनावट में स्त्री विमर्श का तरल दस्तावेज़।   

'ऐ लड़की' : अपनी महीन बुनावट में स्त्री विमर्श का तरल दस्तावेज़

(कृष्णा सोबती के उपन्यास 'ऐ लड़की' पर एक लेख)


ज्योति चावला


कृष्णा सोबती की एक रचना है – ‘ऐ लड़की’। शीर्षक से ही अंदा…